Tuesday, August 26, 2008

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मेरे दिल की खुहहीश तेरे दामन में रह गयी

तेरी याद को हमने हमसफ़र बना लिया

रफीक

1 comment:

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत दिलकश शेअर है...अपने ब्लॉग में आपके ब्लॉग का लिंक दे रही हूं...